जीवन का नवीनीकरण ही है नववर्ष का संदेश
डॉ. अर्चिका दीदी
नववर्ष का संदेश
प्रत्येक ऊषाकाल
में सूर्य की किरणें धरती पर स्वर्णिम आभा बिखेरती हैं और सभी जीवों का जीवन
गतिमान हो उठता है, जो जीवन ठहरा हुआ
था वह गति में आ जाता है। गति ही जीवन है, गति अर्थात आगे बढ़ना, उन्नति करना,
श्रेष्ठ प्राप्त करना और प्रगति के शिखर का
स्पर्श करना, यही नववर्ष का
संदेश है। यही श्रेष्ठजनों का उद्देश्य है और यही ईश्वरीय आदेश है।
भूल जाना चाहिये
नया वर्ष प्रारंभ
हुआ है, बीते वर्ष में आपके सामने
कई निराशाएँ, कुंठाएँ, परेशानियाँ, आवश्यकताएँ आई
होंगी, उनको भूल जाइए, उनसे सीखिए, भविष्य के उद्देश्यों का चिंतन कीजिए, अपनी सोच को बदलिए, नए वर्ष की नई प्रभात में यह निश्चय कीजिए कि भविष्य मेरी
प्रतीक्षा कर रहा है, मुझे नए वर्ष में
आगे बढ़ना है, प्रगति करनी है,
मुझे सफलता के शिखर छूने हैं, मैं इस योग्य हूं, ईश्वर ने मुझे इस योग्य बनाया है कि मैं परिश्रम करके जीवन
की प्रत्येक क्षेत्र में बहुत कुछ प्राप्त कर सकता हूं। वह क्षेत्र भौतिक हो,
सांसारिक हो या हो आध्यात्मिक, मुझे प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ना है। नए
संकल्प कीजिए।
पीछे मुड़कर मत देखो
ईश्वर हमेशा
चाहता है कि आप जीवन में आगे बढ़ें, उन्नति करें, आपका जीवन पीछे
मुड़कर देखने के लिए नहीं है, आगे बढ़ने के लिए
है, समाज में अनेक प्रकार की
प्रतियोगिताएँ होती हैं, दौड़ प्रतियोगिता में अगर कोई धावक पीछे मुड़कर
देखता है तो वह गिर सकता है, दौड़ में पीछे रह
जाएगा, उसकी पराजय होगी। उसका
उद्देश्य है विजेता बनना, जीवन में रुकने
से प्रगति रुक जाती है।
कैसे मनायें नववर्ष
आज समाज में
प्रचलन है कि नए वर्ष वाले दिन से पूर्व सारी रात जागो, नाचो, गाओ, संगीत बजाओ और खुशी मनाने के लिए लोग नए-नए
तरीके खोजते हैं, शराब पियेंगे,
मस्ती करेंगे, यह नए वर्ष का स्वागत नहीं है। यह इंद्रिय जनित क्षणिक सुख
है, नए वर्ष की नव प्रभात में
आध्यात्मिक उदय का संदेश है, यह वह स्वर्णिम
अवसर है जब आप अपनी अंतर्चेतना को जागृत करके जीवन को नई दिशा दे सकते हैं। ईश्वर
की शक्तियों में विश्वास करो, गुरु से
मार्गदर्शन लो और उसके उद्देश्यों के अनुकूल जीवन की दिशा बदलकर अपने जीवन की दशा
सुधारो, अपनी सुप्त शक्तियों को पहचानो,
अपनी सांभव्य ऊर्जा का प्रयोग करें। समय
तुम्हारी इंतजार में है। वर्तमान में तुम जिस स्थिति में हो, तुम उससे आगे जा सकते हो।
करें नववर्ष में संकल्प
नए वर्ष की सुबह
का इस संकल्प के साथ स्वागत करें कि हमने जीवन में नकारात्मक सोच, निराशाओं, असफलताओं का परित्याग करके आत्मचिंतन करते हुए नई जीवन
ज्योति को जागृत करना है। जब हम निरंतर प्रगति, परिवर्तन और आत्म विकास का चिंतन करेंगे तो यह विचार हमारे
मन पर, चित्त पर अंकित हो जाएगा
और आपके अंदर ऐसी नव साहस, भावना, लग्न का उदय होगा जो आपको उन्नति के नए शिखर
प्राप्त करने का सामर्थ्य प्रदान करेगा। आपके अंदर एक नए आदर्श का जन्म होगा और आप
एक नए इंसान बन जाएंगे, तो नव वर्ष की इस
नई आभा के साथ अपने जीवन को नवीन कीजिए और सुख आनन्द का जीवन व्यतीत कीजिए। नव
वर्ष में आप सबका जीवन स्वरूप सुखद व मंगलमय हो, यही मेरी कामना है, ईश्वर से प्रार्थना है।

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