हम अपनी पूरी आयु जी सकें । हमारी अकाल मृत्यु ना हो, इसलिए हमको संयमित जीवन जीना पड़ेगा । ( ऋग्वेद)
मनुष्य के शरीर और मन में शक्तियों का अपार भंडार है, उसको नष्ट होने से बचाएं। उसका सदुपयोग करके आशाजनक सफलता प्राप्त करें।
क्यों कि हम अपनी इन बहुमूल्य शक्तियों को नष्ट करते हैं और इस शरीर को शक्तिहीन
बना देते हैं।
सामान्यः शरीर और मन अपने-अपने आहारों द्वारा निरंतर शक्तियों का
उपार्जन करते रहते हैं। इससे हमारी सामर्थ्य बढ़ती रहती है। इस शक्ति को अपव्यय से
बचाकर रचनात्मक दिशा में उपयुक्त कर किसी
भी क्षेत्र में प्रगति की जा सकती है। संयम का अर्थ है, शक्तियों के अपव्यय को रोकना। यह अपव्यय हमारी इन्द्रियों द्वारा ही होता है।
इसमें प्रमुऽ हैं जीभ और जननेन्द्रिय।
जीभ के द्वारा हम बकवास, निंदा, चुगली, गप्पे हांकने में अपनी शक्तियों का नाश करते हैं । यदि जीभ को असत्य और कटु
न बोलने के संयम से बांध दिया जाय, तो हमारी वाणी में सत्यता और प्रभाव बढ़
जाता है। उसमें श्राप और वरदान देने की क्षमता आ जाती है, जैसे हमारे ऋषि और मुनियों को प्राप्त था। मौन को तप माना गया है। तपस्वियों
जैसा मौन रहना तो मुश्किल है, परंतु बड़बोलेपन पर तो नियंत्रण रखा जा
सकता है। जितना आवश्यक हो उतना ही बोलें।
जीभ का दूसरा असंयम है ‘चटोरापन’ । स्वाद के लिए हम असभ्य
पदार्थों को खाते रहते हैं । स्वाद के चलते हम भूल से अधिक खा लेते हैं, जिससे अपच हो जाता है । इससे पाचनतंत्र
कमजोर होने लगता है । स्वाद से अधिक जरूरी हमारा स्वास्थ्य है, जो लोग स्वाद के चलते स्वास्थ्य को अनदेखी करते हैं । ऐसे लोग अपने स्वास्थ्य
को लेकर परेशान रहते हैं ।
इन्द्रियों का संयम तो बहुत जरूरी है। इंद्रियों का असंयम शरीर
के सार तत्व को नष्ट कर देता है। इस सार तत्व से ही शरीर में ओजस, चेहरे पर चमक, वाणी में प्रभाव, आँखों में ज्योति, मस्तिष्क में मेधा और स्वभाव में साहस का प्रभाव होता है। इस सार तत्व का
जितना अपव्यय होता है, मनुष्य शारीरिक और मानसिक रूप से उतना ही
दुर्बल होता जाता है। अति कामुक व्यक्ति न निरोगी रह सकता है और न जीवन का अधिक
आनंद उठा सकता है।
संयम अर्थात् शक्तियों का संचार। असंयम अर्थात् सामर्थ्य की बर्बादी।
इसीलिए असंयम से अपने शरीर को बर्बाद होने से रोकें और संयम से अपने को शक्तिशाली
प्रभाववान तथा बुद्धिमान बनाएं। यही सुखी व स्वस्थ जीवन का राजमार्ग है।
Meditation & Spiritual Guru, Vice Chairperson at Vishwa Jagriti Mission, Founder & Director at Dr. Archika Foundation Read more: http://drarchikadidi.com/
Wednesday, 15 July 2020
हम संयमित जीवन जिएं
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